दिल्ली में बीते पांच दिन के भीतर 46 लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हुई है। इनमें से 34 मरीजों में कोरोना संक्रमण से पहले बीमारी थी। सोमवार को दिल्ली सरकार ने कोरोना से मरने वालों की जानकारी सार्वजनिक की है जिसमें पता चला है कि जिन लोगों को पहले से कोई न कोई बीमार है उनमें जान का जोखिम सबसे अधिक बना है।
ऐसे लोगों की दिल्ली में आबादी भी काफी अधिक है क्योंकि आधुनिक जीवनशैली के चलते दिल्ली में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हार्ट, किडनी और कैंसर इत्यादि के मरीजों की संख्या भी काफी अधिक है जो हर आयुवर्ग में देखने को मिलती है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिन 46 लोगों की मौत पांच से नौ जनवरी के बीच हुई है उनकी आयु 25 से 60 वर्ष या उससे अधिक दर्ज की गई है। यानी कोरोना की इस नई लहर में लगभग सभी युवा, व्यस्क और बुजुर्गावस्था में एक जैसा जोखिम देखने को मिल रहा है।
सरकारी आंकड़ा यह भी बताता है कि 34 मृतकों में कैंसर, हृदय और यकृत की बीमारियां थीं।46 में से केवल 11 को ही कोरोना वायरस के खिलाफ टीका लगाया था।इनमें से 25 रोगियों की आयु 60 से ऊपर और 14 की आयु 41 से 60 के बीच थी। 21-40 आयु वर्ग में पांच मौतें दर्ज की गईं। जबकि 0-15 और 16-20 आयु वर्ग के एक-एक मरीज ने संक्रमण के कारण दम तोड़ दिया।
