चम्पावत में ठग केवल आठवीं और दसवीं तक ही पड़े हैं। लेकिन यह लोग डॉक्टर, शिक्षक, प्रोफेसर और अन्य अधिकारियों को आसानी से अपना शिकार बना रहे हैं। उनके बातचीत के तरीके से कोई भी उनके झांसे में आ जाता है। वे किसी को इनाम का झांसा तो किसी को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहे हैं।
कोई शादी के नाम पर धोखा खा गया तो कोई महिलाओं की बातचीत में फंसकर बेवकूफ बन गया। हैरानी की बात ये है कि ऑनलाइन ठगों के झांसे में अनपढ़ के बजाय अधिकांश पढ़े लिखे लोग ही आ रहे हैं। ऐसे ही कई मामले चम्पावत जिले में भी उजागर हुए हैं। चम्पावत के टनकपुर सरकारी अस्पताल में तैनात डॉ. वीके जोशी भी ठगों के चंगुल से बच नहीं सके।
साइबर अपराधियों ने फोन पर उन्हें झांसे में लिया और उनके खाते से एक लाख की रकम उड़ा ली। इसके अलावा लोहाघाट के बाराकोट में तैनात शिक्षक शंकर दत्त भी साइबर अपराधियों से नहीं बचे। ठगों ने इन्हें भी कॉल करके तमाम प्रकार के लुभावने और आकर्षण इनाम का लालच देकर करीब 40 हजार रूपये हड़प लिए।
इसी क्षेत्र के एक और शिक्षक रमेश चंद्र जोशी जो कि पतंजलि योगपीठ से आंखों का उपचार करा रहे थे। उन्हें भी तमाम प्रकार की स्कीम बताकर ऑनलाइन तरीके से 35 हजार रूपये ठग लिए। इसके अलावा पुलिस विभाग में ही पीआरडी के एक जवान से पिछले साल लाखों की ठगी हुई थी।
साइबर ठगों से बचने के लिए ये करें
एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी अज्ञात व्यक्ति की कॉल और मेसेज से सावधान रहें। किसी को भी अपना पावसर्ड, ओटीपी, सीवीवी, शेयर ना करें। अंजान लिंक, ऑनलाइन जॉब ऑफर से संबंधित लिंक, अज्ञात क्यूआर कोड स्कैन करने से बचें। यदि कोई भी व्यक्ति ठगी का शिकार होता है तो तत्काल नजदीकी थाना, साइबर सेल के टोल फ्री नम्बर-1930,साइबर सेल चम्पावत 8476055260 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
चम्पावत पुलिस के हत्थे चढ़े नौ अंतरराज्यीय ठग
साइबर क्राइम मामले में चम्पावत पुलिस को पहली बार बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने पांच राज्यों से नौ साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस को छह लाख की नकदी और पांच स्मार्ट फोन भी बरामद हुए हैं। पकड़े गए अपराधी लोगों को झांसे में लेकर ऑनलाइन ठगी के गिरोह चलाते हैं।
एसपी देवेंद्र पींचा के निर्देश पर साइबर अपराधियों की धरपकड़ के लिए दो टीमें गठित की गई थी। जो पिछले 15 दिनों से बिहार, बंगाल, राजस्थान, हरियाणा और बंगाल समेत यूपी में दबिश दे रही थी। एसपी पींचा ने बताया कि जिले के कई लोगों को बहकावे में लेकर ठगों ने ऑनलाइन माध्यम से उनके खाते खंगाल लिए।
उनकी शिकायत पर टीमें आरोपियों को पकड़ने के लिए भेजी गईं। पकड़े गए अपराधियों में आशीष कुमार ठाकुर निवासी समस्तीपुर बिहार, अमित कुमार अंशु निवासी बेगूसराय बिहार, हारुन अल रशीद निवासी मालदा पश्चिम बंगाल, वसीम निवासी सिकरी राजस्थान, अंतोष कुमार निवासी सुपोल बिहार, समीम निवासी हरियाणा व युसूफ उर्फ झोली निवासी बंगर मथुरा, सिराजु निवासी नूह हरियाणा और अमीर खान निवासी गोवर्धन मथुरा शामिल हैं। एसपी ने पुलिस की दोनों टीमों को इस कार्य के लिए दस हजार इनाम की घोषणा की है।
ये रहे टीम में शामिल: साइबर अपराधियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम में सीओ टनकपुर अविनाश वर्मा, प्रभारी साइबर सेल सुरेंद्र खड़ायत, एसआई मीनाक्षी नौटियाल, हेमंत कठैत, हरीश प्रसाद, सोनू सिंह, कांस्टेबल बिहारी लाल, गिरीश चंद्र, रीनू खत्री, विनोद जोशी, सद्दाम हुसैन, प्रतीक पचौली, आशा गोस्वामी शामिल रहे।
नौ लोगों को लौटाए 6.40 लाख रुपये
चम्पावत पुलिस ने ठगी के शिकार हुए नौ लोगों को शनिवार को छह लाख चार हजार चार सौ चालीस रूपये की धनराशि उनके खाते में वापस कराई है। एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि साइबर ठग अश्लील वीडियो कॉलिंग, नौकरी दिलाने के नाम पर, लॉटरी लगने, बैंक अधिकारी बताकर, एनी डेस्क, व्हाट्सएप वीडियो कॉल के अलावा अन्य तरकीबें अपनाकर लोगों को लूट रहे थे।
एसपी से लोगों से जागरुकता दिखाने की अपील की है। पुलिस ने वीके जोशी, अंकित कुमार वर्मा, मधुलता, तनुजा भट्ट, शंकर दत्त, रमेश चंद्र, संजय अग्रवाल, दीपक गड़कोटी, नीरज सिंह के खाते में धनराशि वापस कराई है।
