बीते चुनाव में मोदी लहर पर सवार भाजपा ने देवभूमि उत्तराखंड में सबसे बड़ी और ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। तब से राज्य की सियासत में बड़ा बदलाव आया है। पांच साल के कार्यकाल में पीएम मोदी के करीबी पुष्कर सिंह धामी तीसरे मुख्यमंत्री बने हैं। यह चुनाव पीएम मोदी और धामी दोनों की अग्निपरीक्षा है।
अस्तित्व में आने के बाद उत्तराखंड ने हर चुनाव में सत्ता परिवर्तन किया है। मतदाताओं के इस सियासी चरित्र से कांग्रेस को बड़ी उम्मीदें हैं। पार्टी नहीं चाहेगी कि हर चुनाव में नई सरकार चुनने वाले केरल में मात खाने की गलती यहां दोहराए। हालांकि सच्चाई यह है कि राज्य के दोनों ताकतवर दल कांग्रेस और भाजपा अंतर्विरोधों से जूझ रहे हैं। इसी बीच सियासत में आम आदमी पार्टी के प्रवेश ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। आप के कारण राज्य की कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बन रहे हैं।
