वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कांग्रेस और विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे भ्रम फैलाने और अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास करते हैं. बातचीत के अंत में धामी ने कविता की पंक्तियां सुनाकर विकास की यात्रा को आगे बढ़ाने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि ‘अभी बहुत आगे हमें जाना है…’
10 हजार नौकरियों का कैलेंडर पूरा करने का भरोसा: सीएम धामी ने सरकारी भर्तियों और युवाओं को रोजगार देने के मुद्दे पर कहा कि जब उन्हें पहली बार मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली थी, तब उन्होंने खाली पदों को ईमानदारी से भरने का संकल्प लिया था. सरकार ने 10 हजार नौकरियों के लिए जो कैलेंडर तैयार किया है, उसे पूरी तरह पूरा किया जाएगा.
सीएम पुष्कर धामी ने आगे कहा कि भर्ती प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी. सीएम धामी के मुताबिक, जिस तरह चारधाम यात्रा का सिलसिला चलता रहता है, उसी तरह प्रदेश में सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया भी बिना रुके आगे बढ़ती रहेगी. उन्होंने 35 हजार से अधिक नियुक्तियां किए जाने का भी जिक्र किया.
चुनाव से पहले युवाओं को रोजगार देना उत्तराखंड की राजनीति का महत्वपूर्ण मुद्दा है. सरकारी विभागों में खाली पदों को भरने और भर्ती प्रक्रिया को समय पर पूरा करने की मांग लंबे समय से उठती रही है. ऐसे में मुख्यमंत्री का 10 हजार नौकरियों के कैलेंडर को पूरा करने का भरोसा युवाओं के लिए अहम है.
हालांकि, इस बातचीत में उन्होंने कैलेंडर में शामिल पदों, विभागवार रिक्तियों और भर्ती पूरी होने की विस्तृत समयसीमा का ब्योरा नहीं दिया. मुख्यमंत्री ने इतना स्पष्ट किया कि रोजगार और नियुक्तियों का सिलसिला लगातार जारी रहेगा और सरकार इस दिशा में काम करती रहेगी.
खराब सड़कों को ठीक करना प्राथमिकता, अधिकारियों को भेजते हैं तस्वीरें: सीएम धामी ने प्रदेश में सड़कों की स्थिति को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि खराब सड़कों को ठीक करना उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है. उन्होंने ने बताया कि कई बार मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी कोई सड़क तुरंत ठीक नहीं हो पाती है, तो वो इस बारे में अपनी बात स्पष्ट रूप से रखते हैं.
उन्होंने कहा कि खराब सड़क दिखाई देने पर वो उसकी तस्वीर खींचकर संबंधित अधिकारी को भेज देते हैं. ताकि, समस्या पर ध्यान दिया जा सके और मरम्मत का काम आगे बढ़े. उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में सड़कें लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से सीधे जुड़ी हैं. गांवों से शहरों तक पहुंच, मरीजों को अस्पताल ले जाना, बच्चों की पढ़ाई और स्थानीय कारोबार जैसी कई गतिविधियां सड़क संपर्क पर निर्भर करती हैं.
बरसात के दौरान सड़कों को नुकसान पहुंचने और मरम्मत में देरी होने की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री ने सड़क सुधार को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि यह काम लगातार जारी रहना चाहिए और खराब सड़कों को ठीक किया जाना जरूरी है. उनका कहना था कि इस काम को लेकर उन्हें कोई झिझक नहीं है और वह संबंधित अधिकारियों को सीधे जानकारी देते हैं.
बड़ी राष्ट्रीय परियोजना पर पुनर्वास और फंडिंग का पूरा हिसाब: सीएम धामी ने मीडिया से बातचीत के दौरान राष्ट्रीय महत्व की एक बड़ी परियोजना का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि इस परियोजना में बड़े स्तर पर पुनर्वास किया जाना है और इसमें उत्तराखंड का हिस्सा अपेक्षाकृत ज्यादा है.
सीएम धामी के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से जुड़ी इस परियोजना को लेकर पांच राज्यों के बीच समझौता यानी एमओयू हुआ है. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने स्पष्ट किया है कि उसे पानी की जरूरत नहीं है, इसलिए वह पानी नहीं ले रहा है. उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत बनने वाले बड़े बिजली प्रोजेक्ट पर तीन हजार करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि खर्च होने का अनुमान है. इससे बनने वाली बिजली उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश, दोनों को मिलेगी.
सीएम के मुताबिक, चूंकि हिमाचल प्रदेश को पानी की जरूरत नहीं है और वो निर्माण कार्य में पैसा नहीं दे रहा है, इसलिए जिन राज्यों को उसके हिस्से का पानी मिलेगा, वे करीब 1,500 करोड़ रुपए का भुगतान करेंगे. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को सिंचाई और पीने के पानी की जरूरत है. इसी को देखते हुए भारत सरकार की ओर से बिना ब्याज वाला शासकीय ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की बात कही गई है.
परियोजना के पुनर्वास से जुड़े सवाल पर सीएम धामी ने माना कि जमीन को लेकर कुछ व्यावहारिक समस्याएं हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि सभी संबंधित लोगों और हितधारकों से बातचीत की जाएगी और उनकी सहमति के साथ परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा. धामी ने इस परियोजना को राष्ट्रीय महत्व का बताते हुए कहा कि सरकार इसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाएगी.
पलायन रोकना, महिलाओं को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता: सीएम धामी ने उत्तराखंड के समग्र विकास को लेकर अपना विजन भी दोहराया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है. धामी ने पहाड़ों में पलायन रोकने, युवाओं को रोजगार देने, महिलाओं को सशक्त बनाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताया.
उत्तराखंड में पलायन लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रहा है. रोजगार और बेहतर सुविधाओं की तलाश में लोगों का पहाड़ों से मैदानी क्षेत्रों की ओर जाना सरकारों के सामने लगातार सवाल खड़े करता रहा है. सीएम धामी ने अपने बयान में रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को विकास की दिशा में अहम बताया. चुनाव से पहले इन प्राथमिकताओं को दोहराकर मुख्यमंत्री ने सरकार के विकास संबंधी एजेंडे को सामने रखा.
कांग्रेस पर हमला, विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप: विकास और रोजगार की बात करने के साथ मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और विपक्षी नेताओं पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके नेताओं का रवैया राजनीति से प्रेरित हो गया है और वे हर
