UKSSSC की एक दर्जन से ज्यादा परीक्षाएं निरस्त, 5 हजार से ज्यादा पदों पर होनी थी भर्ती

UKSSSC की एक दर्जन से ज्यादा परीक्षाएं निरस्त, 5 हजार से ज्यादा पदों पर होनी थी भर्ती

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग-यूकेएसएसएससी (UKSSSC) ने 13 विभागों में 5363 पदों की भर्ती निरस्त कर दी है। उक्त पद लोक सेवा आयोग (PSC) को ट्रांसफर होने के बाद यह कदम उठाया गया है। इसमें पुलिस सिपाही भर्ती भी शामिल है, जिसमें पहले ही फिजिकल परीक्षा हो चुकी है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने गुरुवार को राजस्व उप निरीक्षक- लेखपाल, बंदी रक्षक, पर्यावरण पर्यवेक्षक, प्रयोगशाला सहायक मानचित्रकार- सर्वेयर, वन आरक्षी, अवर अभियंता, अन्वेषक कम संगणक निरस्त की हैं।

पुलिस आरक्षी, उप निरीक्षक पुलिस, चारा सहायक- सहायक कृषि अधिकारी, सहकारिता पर्यवेक्षक, गन्ना – दुग्ध पर्यवेक्षक, सहायक लेखाकार- लेखा परीक्षक पदों की भर्ती निरस्त कर दी है। इसमें कुल 5363 पद शामिल थे। इसी के साथ इन पदों के लिए आए आवेदन भी निरस्त हो गए हैं। आयोग के सचिव एसएस रावत ने बताया कि इन पदों के लिए अब लोक सेवा आयोग नए सिरे से आवेदन करेगा।

पुलिस भर्ती निरस्त होने से युवाओं को झटका

आयोग की ओर से जारी विज्ञप्ति में पुलिस आरक्षी भर्ती भी निरस्त किए जाने की जानकारी दी गई है। इसमें कुल 1521 पद शामिल हैं, खास बात यह है कि इसके लिए मई – जून में फिजिकल परीक्षा आयोजित हो चुकी है। जिसके लिए करीब तीस हजार युवा चयनित हो चुके हैं। अब फार्म निरस्त होने से इन युवाओं की मेहनत बेकार हो सकती है। प्रदेश में वैसे ही सात साल बाद पुलिस भर्ती आई थी, युवा इसके लिए आंदोलन तक कर रहे थे।

वीपीडीओ सहित विवादित पर निर्णय बाद में

आयोग ने अभी स्नातक स्तरीय (वीपीडीओ) के साथ ही सचिवालय सुरक्षा, मुख्य आरक्षी दूर संचार, दरोगा रैंकर्स पर कोई निर्णय नहीं लिया है। इन सभी भर्तियों में लिखित परीक्षा आयोजित हो चुकी है। आयोग के सचिव एसएस रावत ने बताया कि विवादित भर्तियों पर निर्णय पुलिस जांच के आधार पर ही लिया जाएगा। जबकि दरोगा भर्ती पर अभी शासन की तरफ से स्पष्ट दिशा निर्देश का इंतजार किया जा रहा है।

प्रोग्रामर के ज्वाइन करने का इंतजार

आयोग का प्रोग्रामर, एसटीएफ की गिरफ्त में आने से परीक्षा संबंधित सभी काम रुक गए थे। लेकिन अब आयोग ने एनआईसी से प्रोग्रामर मिल गया है। हालांकि अभी उसकी ज्वाइनिंग नहीं हो पाई है। अगले सप्ताह ज्वाइनिंग के बाद आयोग का रुका हुआ काम काज पटरी पर आ सकता है।

 

 

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