उत्तराखंड की जनता ने अगले पांच सालों के लिए अपना प्रथिनिधित्व करने के लिए किस पार्टी को चुना है इसका पता आज चल जाएगा। राज्य की 70 विधानसभा सीटों पर एक चरण में 14 फरवरी को हुए मतदान के लिए वोटों की गिनती सुबह आठ बजे शुरू हो गई है। राजनीतिक दलों ने ईवीएम में बंद चुनावी नतीजों के सामने आने के बाद बनने वाली संभावित स्थिति के मद्देनजर अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। राज्य में 65 फीसदी से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया था। बता दें कि बीत दिन पहले आए एग्जिट पोल में भाजपा या कांग्रेस को उत्तराखंड में बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है लेकिन ज्यादातर में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच कांटे की टक्कर या त्रिशंकु विधानसभा की संभावना व्यक्त की है।
विरोध के बाद भी रामसिंह कैड़ा ने दर्ज की शानदार जीत
भाजपा प्रत्याशी राम सिंह कैड़ा ने भीमताल सीट पर पुनः जीत दर्ज कर भाजपा शीर्ष नेतृत्व के समक्ष भी अपनी खासी जगह बना ली है, जबकि उनके भाजपा में शामिल होने व टिकट मिलने के बाद से ही सीट से टिकट के अन्य दावेदार रहे लोग उनके विरोध में लामबंद हो गये थे। इतना ही नहीं मनोज साह ने उनके विरोध में चुनाव भी लड़ा। जिसके चलते भाजपा प्रत्याशी के समक्ष सीट पर जीत को बरकरार रखना चुनौती से कम नहीं था।
कैड़ा को पिछले पांच साल से लगातार क्षेत्र में लोगों के बीच रहने का चुनाव में भरपूर फायदा मिला। विधान सभा क्षेत्र में पार्टी में अन्दर खाने विरोध के बाद भी आम जनता का उन्हें भरपूर समर्थन मिला। जिसकी बदौलत उन्होंने भीमताल सीट पर शानदार जीत दर्ज कर पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी पकड़ भी मजबूत कर ली है। उन्होंने वर्ष 2017 में निर्दलीय चुनाव लड़ा था और जीत भी दर्ज की थी।विधायक बनने के बाद राम सिंह कैड़ा भाजपा के एसोसिएट सदस्य थे। चुनाव से दो माह पहले उन्होंने विधिवत भाजपा की सदस्यता ली थी।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी चुनाव जीते
मसूरी: कैबिनेट मंत्री और भाजपा के गणेश जोशी 15,189 वोट से जीते हैं। उन्होंने कांग्रेस की गोदावरी थापली को हराया है।
मोहन सिंह बिष्ट ने कार्यकर्ताओं के साथ विजयी जुलूस निकाला
हरीश रावत 14 हजार वोटों से हारा
लालकुआं विधानसभा सीटे से पूर्व सीएम हरीश रावत को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। उनके प्रतिद्वंदी भाजपा के मोहन सिंह बिष्ट ने उन्हें 14 हजार वोटों से हराया है।
