हिंदी न्यूज़उत्तराखंडRussia Ukraine War: यूक्रेन में फंसे भारतीयों की अब ऐसे होगी वतन वापसी, रोमानिया बॉर्डर पर भारतीय दूतावास ने शुरू किया टोकन सिस्टम
Russia Ukraine War: यूक्रेन में फंसे भारतीयों की अब ऐसे होगी वतन वापसी, रोमानिया बॉर्डर पर भारतीय दूतावास ने शुरू किया टोकन सिस्टम
देहरादून। सागर जोशीHimanshu Kumar Lall
Last Modified: Fri, 4 Mar 2022 9:59 AM
रोमानिया बॉर्डर से अब टोकन सिस्टम से भारतीय छात्रों की वापसी हो रही है। पहले भारतीय दूतावास की ओर से सूची में नाम आने पर वापसी का क्रम तय किया गया था। अब बॉर्डर पर पहले आने वाले लोगों को टोकन नंबर दिए जा रहे हैं। श्यामपुर ऋषिकेश निवासी मनोज सिंह कीव के रंगोली रेस्टोरेंट में काम करते हैं। उनके साथ टिहरी के चार दोस्त हरीश पुंडीर, नरेश, सुरेंद्र और प्रवीण भी हैं।
पांचों लोग दो दिन का सफर तय करके रोमानिया बॉर्डर पहुंच गए हैं। मनोज ने ‘हिन्दुस्तान’ को फोन पर बताया कि बुधवार को उनको टोकन मिल गया था। मगर, गुरुवार शाम तक नंबर नहीं आया। हमसे पहले आए छात्रों का नंबर पहले आएगा। संभवत: शुक्रवार को उनका नंबर आने की संभावना है। उन्हें टोकन नंबर-304 मिला है। अभी 137 के आसपास नंबर चल रहा है। ‘पहले आओ-पहले पाओ’ की तरह टोकन मिल रहे हैं।
ऋषिकेश से किया होटल मैनेजमेंट का कोर्स: मनोज बताते हैं कि उन्हें रेस्टोरेंट से 20 हजार यूक्रेनियाई रिव्निया (यूक्रेन की करेंसी) मिलती है, जो भारतीय रुपये के करीब 60 हजार के आसपास है। मनोज बताते हैं कि उनके दोस्तों ने उन्हें यूक्रेन बुलाया था। दिसंबर में ही वे यूक्रेन गए थे। उन्होंने ऋषिकेश से होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया हुआ है।
मनोज बोले-अब कोई खतरा नहीं: मनोज ने बताया कि रोमानिया बॉर्डर पर पासपोर्ट दिखाकर एक फॉर्म भरवाया जा रहा है। इसके आधार पर टोकन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि यहां किसी भी तरह का अब कोई खतरा उन्हें अब महसूस नहीं हो रहा है। भारतीय दूतावास की ओर से पूरी मदद मिल रही है। इसके लिए उन्होंने सरकार को धन्यवाद भी दिया।
हंगरी बॉर्डर पहुंची छात्रा, वापसी की तैयारी
खारकीव में फंसी दून की छात्रा गजाला खान हंगरी बॉर्डर पहुंच गई हैं। पिता जफर और मां सईदा ने बताया कि हंगरी का वीजा तैयार कराया जा रहा है। उसके बाद हंगरी से भारत की फ्लाइट मिलेगी। अभी एक से दो दिन लग सकते हैं। उधर, कारगी निवासी नूर आलम ने बताया कि रोमानिया में वह एक शेल्टर में रुके हुए हैं। उम्मीद है कि शुक्रवार को भारत की फ्लाइट मिल जाएगी।
हिंदी न्यूज़उत्तराखंडRussia Ukraine War: यूक्रेन में फंसे भारतीयों की अब ऐसे होगी वतन वापसी, रोमानिया बॉर्डर पर भारतीय दूतावास ने शुरू किया टोकन सिस्टम
Russia Ukraine War: यूक्रेन में फंसे भारतीयों की अब ऐसे होगी वतन वापसी, रोमानिया बॉर्डर पर भारतीय दूतावास ने शुरू किया टोकन सिस्टम
देहरादून। सागर जोशीHimanshu Kumar Lall
Last Modified: Fri, 4 Mar 2022 9:59 AM
रोमानिया बॉर्डर से अब टोकन सिस्टम से भारतीय छात्रों की वापसी हो रही है। पहले भारतीय दूतावास की ओर से सूची में नाम आने पर वापसी का क्रम तय किया गया था। अब बॉर्डर पर पहले आने वाले लोगों को टोकन नंबर दिए जा रहे हैं। श्यामपुर ऋषिकेश निवासी मनोज सिंह कीव के रंगोली रेस्टोरेंट में काम करते हैं। उनके साथ टिहरी के चार दोस्त हरीश पुंडीर, नरेश, सुरेंद्र और प्रवीण भी हैं।
पांचों लोग दो दिन का सफर तय करके रोमानिया बॉर्डर पहुंच गए हैं। मनोज ने ‘हिन्दुस्तान’ को फोन पर बताया कि बुधवार को उनको टोकन मिल गया था। मगर, गुरुवार शाम तक नंबर नहीं आया। हमसे पहले आए छात्रों का नंबर पहले आएगा। संभवत: शुक्रवार को उनका नंबर आने की संभावना है। उन्हें टोकन नंबर-304 मिला है। अभी 137 के आसपास नंबर चल रहा है। ‘पहले आओ-पहले पाओ’ की तरह टोकन मिल रहे हैं।
ऋषिकेश से किया होटल मैनेजमेंट का कोर्स: मनोज बताते हैं कि उन्हें रेस्टोरेंट से 20 हजार यूक्रेनियाई रिव्निया (यूक्रेन की करेंसी) मिलती है, जो भारतीय रुपये के करीब 60 हजार के आसपास है। मनोज बताते हैं कि उनके दोस्तों ने उन्हें यूक्रेन बुलाया था। दिसंबर में ही वे यूक्रेन गए थे। उन्होंने ऋषिकेश से होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया हुआ है।
मनोज बोले-अब कोई खतरा नहीं: मनोज ने बताया कि रोमानिया बॉर्डर पर पासपोर्ट दिखाकर एक फॉर्म भरवाया जा रहा है। इसके आधार पर टोकन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि यहां किसी भी तरह का अब कोई खतरा उन्हें अब महसूस नहीं हो रहा है। भारतीय दूतावास की ओर से पूरी मदद मिल रही है। इसके लिए उन्होंने सरकार को धन्यवाद भी दिया।
हंगरी बॉर्डर पहुंची छात्रा, वापसी की तैयारी
खारकीव में फंसी दून की छात्रा गजाला खान हंगरी बॉर्डर पहुंच गई हैं। पिता जफर और मां सईदा ने बताया कि हंगरी का वीजा तैयार कराया जा रहा है। उसके बाद हंगरी से भारत की फ्लाइट मिलेगी। अभी एक से दो दिन लग सकते हैं। उधर, कारगी निवासी नूर आलम ने बताया कि रोमानिया में वह एक शेल्टर में रुके हुए हैं। उम्मीद है कि शुक्रवार को भारत की फ्लाइट मिल जाएगी।
यूक्रेन से सुरक्षित लौटा ऊखीमठ का युवक: ऊखीमठ। यूक्रेन
में पढ़ाई कर रहे नागजगई ऊखीमठ निवासी छात्र उत्कर्ष शुक्ला के सकुशल स्वदेश लौटने पर उनके घर में खुशी का माहौल है। उत्कर्ष यूक्रेन में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष की पढ़ाई कर रहे थे। बीते 27 फरवरी को उत्कर्ष यूक्रेन से हंगरी के लिए ट्रेन से रवाना
हुए थे और दो मार्च को बुडापेस्ट (हंगरी) पहुंचे।
45 और उत्तराखंडी छात्रों की सकुशल स्वदेश वापसी
यूक्रेन में फंसे उत्तराखंड के 45 और छात्रों की सकुशल वापसी हो गई है। ज्यादातर छात्र यूक्रेन से लगती कई देशों की सीमाओं पर पहुंच गए, जहां से भारतीय अधिकारी उन्हें निकालने का प्रयास कर रहे हैं। नोडल अफसर पी. रेणुका देवी ने बताया कि यूक्रेन में फंसे 282 छात्रों की लिस्ट केंद्र को भेजी जा चुकी है।
इनमें से 41 पहले लौट चुके हैं, अब गुरुवार को 45 और छात्रों के दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डे पर पहुंचने की जानकारी मिली है। कुछ और छात्र जल्द भारत वापस लौट सकते हैं। ज्यादातर छात्र यूक्रेन के अंदरूनी शहरों से विभिन्न देशों की सीमाओं पर पहुंच गए हैं। पुलिस कंट्रोल रूम से देश लौट चुके छात्रों से भी बात करके उनसे फंसे छात्रों की जानकारी ली जा रही है।
छात्रों की वापसी के लिए पीएम को लिखा पत्र
गढ़वाल रेजीमेंट के पूर्व सैनिक मनोज कुकरेती ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने सरकार स्तर से यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को सुरक्षित लाने के लिए हरसंभव कदम उठाने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि वर्तमान में दो देशों के बीच युद्ध चल रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से यह भी अनुरोध किया कि वे भारतीयों की वापसी तक युद्ध रोकने की अपील करें। लोगों को सकुशल वापस लाने के लिए उन्होंने सैनिकों और पूर्व सैनिकों को यूक्रेन भेजने की मांग भी की।