देहरादून: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर आ रहे हैं. जिसे लेकर राजधानी देहरादून पूरी तरह भगवामय नजर आ रही है. एयरपोर्ट से लेकर पार्टी कार्यालय तक शहर के प्रमुख मार्गों पर बड़े-बड़े होर्डिंग स्वागत द्वार और नेताओं के कटआउट लगाए गए हैं.
जौलीग्रांट एयरपोर्ट, डोईवाला, लच्छीवाला फ्लाईओवर, कुआंवाला, लक्ष्मण सिद्ध मार्ग, मॉल ऑफ दून, जोगीवाला, रिस्पना पुल और बलबीर रोड तक बीजेपी नेताओं के पोस्टर और बैनर लगे हैं. इन होर्डिंग्स में पीएम मोदी, अमित शाह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, सांसद अजय भट्ट, अजय टम्टा, माला राज्यलक्ष्मी शाह समेत कई नेताओं की तस्वीरें प्रमुखता से दिखाई दे रही हैं.
इस पूरे शक्ति प्रदर्शन के बीच एक राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है. राजधानी के मुख्य मार्गों पर पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत तथा राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी की तस्वीरें लगभग नदारद दिखाई दीं. एयरपोर्ट से पार्टी कार्यालय तक के पूरे रूट पर दोनों नेताओं के पोस्टर और कटआउट खोजने पर भी नजर नहीं आए. अब सवाल उठ रहा है कि जब पार्टी के लगभग सभी बड़े नेताओं को प्रचार सामग्री में जगह दी गई है तो फिर त्रिवेंद्र सिंह रावत और अनिल बलूनी मुख्य मार्गों से गायब क्यों हैं ? राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
हालांकि, बीजेपी संगठन ने इसे किसी तरह की अंदरूनी राजनीति मानने से इनकार किया है. इस पूरे प्रचार अभियान की जिम्मेदारी संभाल रहे बीजेपी प्रदेश महामंत्री अनिल गोयल ने कहा ऐसा नहीं है कि किसी का फोटो नहीं लगाया गया है. उन्होंने कहा हो सकता है कुछ जगहों पर इन नेताओं के कटआउट कम दिखाई दे रहे हों. उन्होंने कहा आप कैंट और राजपुर क्षेत्र की तरफ जाएंगे तो वहां तस्वीरें नजर आएंगी. लगाने वाले मजदूरों को हर नेता की राजनीतिक अहमियत की जानकारी नहीं होती है. अगर फिर भी कहीं कमी रह गई है तो उसे दिखवाकर ठीक कराया जाएगा. इसे किसी अलग नजरिए से देखने की जरूरत नहीं है.
उनके इस बयान के बाद ईटीवी भारत ने कैंट रोड का दौरा किया. जहां अनिल बलूनी और त्रिवेंद्र रावत के गिनती के दो से तीन पोस्टर दिखाई दिये. मगर फिर भी सवाल तो उठता है कि जिस रास्ते से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन आएंगे, वहां पर इन दिग्गजों का एक भी पोस्टर बैनर क्यों नहीं है? बीजेपी भले ही इसे सामान्य चूक बता रही हो लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत में लगे इस बड़े राजनीतिक शो में दो वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरों का मुख्य रूट से गायब होना अब सियासी गलियारों की गॉशिप्स बन रहा है.
