रुद्रपुर: एनसीईआरटी की नकली किताबों के बड़े खेल का खुलासा होने के बाद अब जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. विशेष जांच टीम (एसआईटी) हर दिन नए-नए सुराग जुटा रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबाव बढ़ाया जा रहा है.
एनसीईआरटी की नकली किताबों के गोरखधंधे में एसआईटी की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है. इस पूरे मामले में अब तक सामने आए तथ्यों से यह स्पष्ट हो गया है कि यह कोई छोटा-मोटा मामला नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क के तहत चलाया जा रहा बड़ा फर्जीवाड़ा है.
मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड फरार: जांच एजेंसी हर दिन नई परतें खोल रही है, जिससे इस रैकेट की गहराई और विस्तार का अंदाजा लगाया जा सकता है. ताजा जानकारी के मुताबिक एसआईटी अब इस मामले के मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड बताए जा रहे संदीप और शाहरूख की गिरफ्तारी के लिए सख्त कदम उठाने जा रही है. दोनों आरोपी फिलहाल फरार चल रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है.
आरोपियों के खिलाफ NBW जारी करने की तैयारी: गिरफ्तारी में देरी को देखते हुए एसआईटी ने अब इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट (NBW) जारी कराने की तैयारी तेज कर दी है. इसके लिए एक-दो दिन के भीतर न्यायालय में आवेदन दाखिल किया जाएगा. इस बीच पुलिस की तीन अलग-अलग टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं. जांच के दौरान हरियाणा के दो स्थानों के अलावा दिल्ली और बिहार में भी आरोपियों की संभावित लोकेशन सामने आई है. इन ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है, लेकिन अभी तक मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं.
मामले में पहले ही पुलिस ने गोदाम से नकली एनसीईआरटी किताबों की बड़ी खेप बरामद की थी. इस खुलासे के बाद एनसीईआरटी के सहायक उत्पादन अधिकारी की शिकायत पर गोदाम मालिक राजेश कुमार जैन, संचालक संदीप और शाहरूख के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एसआईटी को सौंप दी गई.
संदिग्धों से पुलिस की एक्सपर्ट टीम लगातार पूछताछ कर रही: वहीं, हिरासत में लिए गए दो अन्य संदिग्धों से पुलिस की एक्सपर्ट टीम लगातार पूछताछ कर रही है. सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं, जो इस पूरे नेटवर्क को उजागर करने में मददगार साबित हो सकते हैं. हालांकि, जांच की गोपनीयता बनाए रखने के लिए टीम ने फिलहाल इन सुरागों का खुलासा करने से इंकार कर दिया है.
सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी जल्द पकड़ में नहीं आते हैं, तो उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कराकर कानूनी दबाव और बढ़ाया जाएगा. कुल मिलाकर एनसीईआरटी की नकली किताबों का यह मामला अब गंभीर जांच के दायरे में है और आने वाले दिनों में इस रैकेट से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
