भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में 20 महीने से अधिक से गतिरोध बना हुआ है। दोनों देश लाइन ऑफ कंट्रोल के पास इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। चीन पैंगोंग झील पर भी एक पुल बना रहा है। सैटेलाइट इमेज में इस पुल को देखा गया है। इस पुल को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है।
कहां बनाया जा रहा है पुल?
चीन पैंगोंग लेक के उत्तरी तट पर करीब 400 मीटर लंबा और 8 मीटर चौड़ा पुल बना रहा है। यहां से लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल बहुत पास है। इस पुल के बन जाए से चीन को तेजी से सेनिकों की तैनाती करने में आसानी होगी। यह पुल फिंगर 8 से करीब 20 किलोमीटर (सड़क मार्ग से 35 किलोमीटर) की दूरी पर है।
जहां यह पुल बनाया जा रहा है, वह जमीन भारत की है लेकिन 1958 से चीन के कब्जे में है। पैंगोंग झील करीब 135 किलोमीटर लंबी झील है। इस झील के दो दिहाई हिस्से पर चीन का नियंत्रण है। बनाया जा रहा पुल करीब आधे रास्ते पर है।
इस पुल से चीन को कैसे मदद मिलेगी?
इस पुल के जरिए चीन पैंगोंग झील के दोनों ओर सैनिकों की तैनाती करना चाहती है। कैलाश रेंज से इस पुल की दूरी करीब 35 किलोमीटर है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि जब भारत ने कैलाश रेंज को अपने नियंत्रण में लिया था तो चीनी सैनिकों को वहां बहुत देर से पहुंच सके थे। उन्हें वहां तक पहुंचने के लिए चुशुल के दुर्गम इलाकों से होकर जाना होता था।
इस पुल के तैयार होने से चीनी सैनिक 12 घंटे के बदले करीब 4 घंटे में कैलाश रेंज तक पहुंच सकेंगे। रिपोर्ट्स बताती हैं कि कैलाश रेंज पर भारत द्वारा नियंत्रण करने के बाद चीन ने कई नए सड़क बनाए हैं। इस पुल के जरिए चीन बेहतर और तेज कनेक्टिविटी चाहता है।
भारत ने क्या कहा है?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है सरकार पुल निर्माण गतिविधि की बारीकी से निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा था कि यह पुल उस क्षेत्र में बनाया जा रहा है जो करीब 60 सालों से चीन के अवैध कब्जे में है। सरकार सुरक्षा हितों को लेकर हर जरूरी कदम उठा रही है। बॉर्डर के पास इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बजट में भारी बढ़ोतरी की गई है। कई सड़क और पुल बनाए गए हैं और कई बनाए जा रहे हैं।
दोनों देशों के बीच बना हुआ है गतिरोध
कई पॉइंट्स पर मसलों को हल कर लिया गया है। दोनों पक्षों ने कई पॉइंट्स से सैनिक पीछे खींच लिए हैं। दोनों पक्ष मसले को सुलझाने के लिए अब तक 14 दौर की बैठक कर चुके हैं। डेमचोक में कुछ तथाकथित नागरिकों ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के भारतीय हिस्से में तंबू गाड़ दिए हैं और खाली करने से इनकार कर दिया है। दोनों पक्ष के पास इस क्षेत्र में कई भारी भरकम हथियारों के साथ गोला -बारूद और 50 हजार से अधिक सैनिक तैनात हैं।
