उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इस साल की शुरुआत में हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया था. यहां 6 जनवरी को इटौंजा में 26 साल के एक युवक की लाश मिली. इसके दो दिन बाद 8 जनवरी को मलिहाबाद में एक बुजुर्ग का शव मिला और फिर 13 जनवरी को मॉल इलाके में एक बुजुर्ग महिला मृत पाई गई. इन सब की हत्या गला काटकर हुई थी. पुलिस की जांच में पता में इन तीनों के बीच रिश्तों का खुलासा हुआ, पता चला कि मरने वाले तीनों मां-बाप और उनके बेटे हैं. हफ्ते भर के अंदर इस तरह अलग-अलग जगह पर एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या की सनसनीखेज़ वारदात से पुलिस भी हैरान थी. हालांकि पुलिस ने अब मामले का खुलासा करते हुए बुजुर्ग दंपति के दूसरे बेटे को गिरफ्तार किया है.
आईजी लखनऊ रेंज लक्ष्मी सिंह ने बताया कि सबसे पहले युवक की लाश मिलने पर बीकेटी पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि लखनऊ कमिश्नरेट के विकासनगर इलाके के रहने वाले रिटायर्ड इंडियन ऑयल अफसर महमूद अली खां और उनकी पत्नी भी जम्मू-कश्मीर के रामबन से लापता हो गए हैं. आईजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि सीओ नवीना शुक्ला को मामले के खुलासे की जिम्मेदारी दी गई, जिसके बाद सीओ ने एसपी रामबन से बातचीत की.
सीओ की अगुआई में जब जांच टीम रिटायर्ड अफसर के घर विकासनगर पहुंची तो वहां पूछताछ के दौरान ही रिटायर्ड अफ़सर के बड़े बेटे सरफराज पर शक हुआ. सरफराज के साथ सख़्ती से पूछताछ की गई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी सरफराज और उसके साथी अनिल यादव को गिरफ्तार कर लिया.
पिता पर था जादू-टोने का शक
पुलिस हिरासत में आरोपी ने बताया कि उसके पिता उसे पसंद नहीं करते थे और उसे डर था कि कहीं पिता सारी जायदाद छोटे बेटे शावेज़ को न दे दें. सरफराज ने आरोप लगाया उसके पिता उसके साथ टोना टोटका करते थे. उसने बताया कि उसके पिता उसे बिरयानी में कुछ मिलाकर देते थे.
नींद की गोली खिलाकर रेत दिया गला
पुलिस के मुताबिक, 31 साल का सरफराज एलएलबी कर चुका था और जज बनने तैयारी कर रहा था. जबकि उसके पिता उसे इंडियन ऑयल में अफसर बनाना चाहते थे. ऐसे ही तमाम घरेलू मामलों में सरफराज अपने पिता को पसंद नहीं करता था. ऐसे में सरफराज ने उनकी हत्या का मन बना लिया. उसने बैकुंठ धाम में काम करने वाले अनिल यादव को अपने साथ मिलाया और 5 जनवरी की रात 90 नींद की गोलियां दाल में मिलाकर माँ-बाप और भाई को खिला दी. फिर सबके सो जाने के बाद बिस्तर पर ही सबकी गर्दन रेत दी.
इन घिनौने हत्याकांड को अंजाम देने के बाद 13 जनवरी को सरफराज जम्मू चला गया और वहां से शावेज़ बनकर नोएडा में रहनेवाली अपनी बहन को फोन किया और कहा कि वो लोग रामबन में लैंड स्लाइड में फंस गए हैं. अगले दिन लखनऊ आकर सरफराज ने अपनी बहन को माता-पिता और छोटे भाई के जम्मू-कश्मीर में लापता होने की बात बताई लेकिन पुलिस जांच में पूरे मामले का खुलासा हो गया. पूछताछ में सरफराज ने बताया कि हत्या के बाद उसने पिता का शव मलिहाबाद में
