उत्तराखंड (Uttarakhand) में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पेपर लीक (Paper Leak) मामले में विवेचना कर रही एसटीएफ ने 43वीं गिरफ्तारी की है. आज पेपर लीक कराने के मामले में पूर्व में गिरफ्तार हो चुके मास्टर माइंड कांडपाल के सहयोगी मनोज कुमार चैहान को गिरफ्तार किया गया है. आइए बताते हैं पूरा मामला.
एसटीएफ ने की 43वीं गिरफ्तारी
दरअसल, पेपर लीक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मनोज कुमार चैहान पुत्र शमशेर बहादुर की एसटीएफ ने गिरफ्तारी की है. अभी तक इस मामले में एसटीएफ ने 42 गिरफ्तारी की थी, लेकिन मनोज कुमार की गिरफ्तारी के बाद ये संख्या 43 हो गई है. जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्त मनोज कुमार चौहान वर्तमान में पशुधन प्रसार अधिकारी के पद पर जनपद सहारनपुर में तैनात है.
पेपर लीक मामले से जुडे़ सभी अभियुक्तों की तलाश जारी
आपको बता दें कि एसटीएफ द्वारा पेपर लीक मामले से जुडे़ सभी अभियुक्तों की लगातार तलाश जारी है. इस दौरान अभियुक्त कांडपाल द्वारा जिन अभ्यर्थियों को नकल करायी गयी है, उनका चिन्हीकरण लगातार किया जा रहा है. नकल करने वाले अभ्यर्थियों से पूछताछ में पता चला कि तकरीबन आठ से दस अभ्यर्थियों द्वारा नकल करने बाद अपनी पेमेंट मनोज कुमार चौहान को दी गयी थी.
साल 2021 में आयोजित हुई थी परीक्षा
जानकारी के मुताबिक उन सभी को केन्द्रपाल और ललितराज शर्मा के नकल सेंटर में परीक्षा कराने के लिए भेजा गया था. इस कड़ी में अभी अन्य अभ्यर्थियों को भी चिन्हित किया जा रहा है, जिनके द्वारा परीक्षा में किसी न किसी के माध्यम से धांधली कर नकल की गई है. आपको बता दें कि उत्तराखंड में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में साल 2021 में आयोजित स्नातक स्तर की परीक्षा में पेपर लीक (Paper Leak) हुआ था. इस मामले में देहरादून के रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था. इसके बाद पेपर लीक मामले में एसटीएफ (STF) ने मास्टर माइंड को गिरफ्तार कर लिया था.
