बर्मिघम टेस्ट का पहला दिन इंग्लैंड गेंदबाजों के नाम होता यदि विकेटकीपर बल्लेबाज रिषभ पंत और आलराउंडर रवींद्र जडेजा संकटमोचक के रूप में सामने नहीं आते है। भारत की आधी टीम केवल 98 रन पर पवेलियन वापस जा चुकी थी लेकिन पंत और जडेजा के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था। दोनों ने मिलकर न केवल स्टोक्स की उम्मीदों पर पानी फेर दिया बल्कि पहला दिन पूरी तरह के भारत के नाम कर दिया।
दोनों ने छठे विकेट के लिए 222 रनों की साझेदारी कर टीम का स्कोर 320 तक पहुंचा दिया। हालांकि 146 रन के स्कोर पर रूट ने पंत को अपनी गेंद पर आउट कर वह ब्रैकथ्रू दिला दिया जिसे एंडरसन, पाट्स और स्टुअर्ट ब्राड जैसे गेंदबाज नहीं दिला पाए।
पंत ने टेस्ट क्रिकेट में टी20 स्टाइल में बल्लेबाजी करते हुए बतौर विकेटकीपर सबसे तेज शतक लगाया। उन्होंने 89 गेंदों पर अपना 5वां टेस्ट शतक लगाया। उनकी यह पारी इसलिए भी खास है क्योंकि यह विपरित परिस्थितियों में आई। यही वजह है कि सचिन से लेकर तमाम क्रिकेट दिग्गज पंत की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए।
सचिन ने शाबासी देते हुए पंत और जडेजा की पारी की तारीफ की और इसे एक महत्वपूर्ण पारी बताया।
वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिकेटर इयान बिशप ने भी पंत की इनिंग्स को बेहतरीन पारी करार दिया।
जाने-माने कामेंटेटर हर्षा भोगले ने कहा कि ग्रेट शब्द ऐसे ही पारी के लिए बनाया गया है।
