खबर सार-: उत्तराखण्ड की शांत वादियां अपराधियों के लिए पनाहगाह बनती जा रही हैं। खासकर एजुकेशन हब के नाम से विख्यात देहरादून शहर में आतंकवादी एजुकेशन के नाम पर शरण लेते हैं। ऐसा ही एक बड़ा मामला सामने आया है। देश की सीमा से लगे कश्मीर के कुलगाम इलाके में सुरक्षाबलो के हाथों 27 जून को इनकाउंटर में मारे गए लश्कर के आतंकवादी इदरीश मोहम्मद का देहरादून कनेक्शन सामने आया है।
आतंकवादी के देहरादून कनेक्शन में क़ई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
दरअसल आतंकवादी इदरीश मोहम्मद देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र के एक इंस्टीट्यूट में वर्ष 2017 से 2021 तक एडमिशन था औऱ इस बीच वो देहरादून में ही रहा था।
इस आतंकवादी का देहरादून कनेक्शन सामने आने से पुलिस औऱ खुफिया विभाग अलर्ट मोड़ में आ गए हैं । खुफिया विभाग अब लगातार आतंकवादी इदरीश के दोस्तों के बारे में जानकारी जुटा रहा है। इस दौरान उसकी क्या गतिविधिया थी उसकी भी पड़ताल की जा रही है। साथ ही देहरादून में पढ़ रहे कश्मीरी छात्र छात्रओं के सत्यापन की कार्यवाही में भी पुलिस विभाग जुट गया है।
आपको बता दें इससे पहले भी 2018 में शोयब अहमद लोन नाम का एक आतंकवादी देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के एक इंस्टिट्यूट में मेडिकल की पढ़ाई करता था जिसका सीधा कनेक्शन आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से था। हालांकि बाद में सुरक्षा बल द्वारा उनका भी इनकाउंटर कर दिया गया।
वहीं वर्ष 2020 में भी कई कॉलेजों ने अपने यहां पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों को निलंबित कर दिया था. उन छात्रों ने आतंकी संगठनों के समर्थन में सोशल मीडिया पर कई पोस्ट किए थे. जिसमें भारतीय सेना का विरोध भी शामिल था, जिसके चलते उन पर कानूनी कार्रवाई हुई थी ।
कुलमिलाकर आतंकवादीयो के पढ़ाई के नाम पर देहरादून में पनाह लेने औऱ देहरादून कनेक्शन के बाद खुफिया विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर आ गया है।
यदि आपके आस पास भी कोई संदिग्ध कभी दिखे तो उसकी जानकारी नजदीकी पुलिस चौकी या थाने में दें।
