राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल का बुधवार दोपहर अंतिम संस्कार कर दिया गया। शहर में कर्फ्यू के बाद उनकी अंतिम यात्रा में भारी भीड़ जुटी। लोगों ने हत्यारों को फांसी दो…फांसी दो के नारे लगाए। पूरा शहर कन्हैया की हत्या के विरोध में बंद रहा।
किसी भी हालात से निपटने के लिए भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किया गया था। इससे पहले पोस्टमॉर्टम के बाद जब उनका शव घर ले जाया गया, तो घर में कोहराम मच गया। बिलखती पत्नी ने कहा कि हत्यारों को फांसी की सजा दी जाए, नहीं तो ये लोग कई लोगों को मारेंगे।
पुलिसकर्मी पर तलवार से हमला
उदयपुर से सटे राजसमंद जिले के भीम में पुलिसकर्मी पर डयूटी के दौरान तलवार से हमला किया गया है। पुलिसकर्मी के गर्दन पर तलवार लगी है। प्रारंभिक उपचार के बाद उसे ब्यावर रेफर किया गया है। पुलिसकर्मी का नाम संदीप बताया जा रहा है। भीम में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात कर दी गई है।
कन्हैया की हत्या कैसे और क्यों हुई?
10 दिन पहले नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने वाले कन्हैयालाल का तालिबानी तरीके से मर्डर कर दिया गया। गौस और रियाज मंगलवार को दिनदहाड़े उसकी दुकान में घुसे। तलवार से कई वार किए और उसका गला काट दिया। दुकान में ईश्वर समेत दो और कर्मचारी मौजूद थे।
पुलिस ने मंगलवार को दोनों आरोपियों गौस मोहम्मद और रियाज जब्बार को राजसमंद से अरेस्ट किया। इनके अलावा 3 अन्य लोगों को भी पुलिस ने पकड़ा है। दोनों हत्यारों के खिलाफ अनलॉफुल एक्टविटी (UAPA) एक्ट समेत आईपीसी की कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दोपहर में कानून व्यवस्था की समीक्षा के लिए आला अफसरों के साथ मीटिंग की। शाम को उन्होंने सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है। इसमें सभी दलों के नेता शामिल होंगे। इस मीटिंग में भी सीएम संभवत: कानून-व्यवस्था को लेकर ही बातचीत करेंगे।
