उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदला है। मौसम विभाग की मानें तो अप्रैल 14 से अगले दो दिन पर्वतीय जिलों में बारिश होगी। बारिश के बाद तापमान में गिरावट हुई है, जिससे लोगों को गर्मी से बहुत राहत मिली है।
पर्यटन नगरी मसूरी में बुधवार शाम 6:00 बजे करी ब मौसम के करवट बदलते ही आसमान में काले बादल छाने के साथ ही शहर में धूल भरी आंधी चलने के साथ ही बारिश व ओले गिरने शुरू हो गए। हालांकि बारिश के कारण ओले जमीन पर नहीं टीक पाए। इस दौरान माल रोड पर घूम रहे पर्यटक भी होटलों की ओर लौट जिससे माल रोड पर भी अचानक सन्नाटा पसरा हुआ नजर आया।
हालांकि शहर में सुबह से लेकर अपराहन 3:00 बजे तक चटक धूप खिली रही वह शाम 6:00 बजे करीब अचानक मौसम का मिजाज बदला व शहर में धूल भरी आंधी चलनी शुरू हो गई जिससे आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया वहीं 6:15 बजे करीब बारिश शुरू हो गई व इस दौरान शहर के कई क्षेत्रों में बिजली भी गुल हो गई।
वही इस मौके पर गुजरात से आए पर्यटक श्रीधर देव ने बताया कि वह यहां पर सुबह पहुंचे थे तब यहां पर चटक धूप खिली हुई थी लेकिन शाम 6:00 बजे करीब अचानक मौसम का मिजाज बदला हुआ शहर में अंधड़ चलने शुरू हो गई जिससे माल रोड पर घूम रहे लोग तितर-बितर हो गए कहा कि साथ में छोटे बच्चे होने के कारण काफी दिक्कत हुई ।
तूफान से पेड़ टूटकर कंपनी के कार्यालय में गिरा, दो घायल
बड़कोट। यमुनाघाटी में बुधवार सांय को तेज हवाओं के साथ आए आंधी तूफान से ऑल वेदर निर्माण में कार्य करी संस्था के कार्यालय गंगनानी के ऊपर अचानक पेड़ गिर गया। जिससे प्रोजैक्ट मैनेजर सहित दो लोग जख्मी हो गए।
जिन्हें तत्काल सामुदायिक चिकित्सा केंद्र लाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को हायर सेंटर देहरादून रैफर किया गया है। वहीं दूसरी ओर प्रशासन आंधी तूफान के नुकसान की रिपोर्ट में जुटा हुआ है।
जानकारी के अनुसार बुधवार सांय का बड़कोट तहसील में मौसम ने अचानक करवट बदली और तेज हवाऐं चलने लगी।
इसके चलते गंगनानी के पास ऑल वैदर निर्माण में लगी संस्था के कार्यालय के ऊपर भारी पेड़ आ गिरा। जिससे कार्यालय के अंदर बैठे प्रोजेक्ट मैनेजर कादिर पुत्र इदरीश उम्र 40 वर्ष और अलीन पुत्र आयुष खान उम्र 36 वर्ष घायल हो गए। जिन्हें स्थानीय लोगो की मदद से सीएचसी बड़कोट लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उनकी स्थिती को गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर देहरादून के लिए रैफर कर दिया।
चिकित्सक डॉ. पवन रावत ने बताया कि आंधी तूफान की बजह से पेड़ की चपेट में आये दो लोगो में पोरजेक्ट मैनेजर के पैर में फैक्चर आया है जो खतरे से बाहर है। दोनो घायलों का प्राथमिक उपचार के बाद देहरादून रैफर किया गया है।
कुमाऊं विवि दीक्षांत समारोह मामले में हाईकोर्ट से मिली क्लीन चिट, जानें विवाद
हाईकोर्ट ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान किए गए घपले के खिलाफ दायर जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया है। वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई की।
कोर्ट ने कहा कि जांच कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार दीक्षांत समारोह में गड़बड़ियां नहीं पाई गई हैं, इसलिए जनहित याचिका निस्तारण योग्य है। बुधवार को सुनवाई के दौरान मुख्य स्थायी अधिवक्ता सीएस रावत ने कोर्ट को बताया कि कोर्ट के आदेश के क्रम में सरकार ने इसकी जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित की।
कमेटी ने जांच में किसी भी तरह की अनियमितता नहीं पाई। याचिकाकर्ता द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं, वे निराधार पाये गए हैं। दीक्षांत समारोह के दौरान अचानक मौसम बदल गया था, जिसके लिए उसी समय वाटर प्रूफ टेंट की व्यवस्था की गई। इसके लिए टेंडर निकालना संभव नहीं था। कॉफी मशीन का भी आरोप लगाया गया, जो मेन्यू में छूट गया था। दीक्षांत समारोह में ऐसी कोई वित्तीय अनियमितता नहीं की गई है।
विपक्षी पार्टी ठेकेदार द्वारा कहा गया कि जनहित याचिका लंबित होने के कारण उनका अभी तक भुगतान नहीं किया गया, इसलिए मामले को शीघ्र निस्तारित किया जाए। याचिकाकर्ता ने अपनी जनहित याचिका में पूरे प्रकरण की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की थी।
नवविवाहिता की तीन लाख दहेज के लिए हत्या, पिता की तहरीर पर पति, सास, ससुर सहित देवर पर केस
दोनों पक्षों से पूछताछ चल रही है। मामले की जांच सीओ रुड़की विवेक कुमार कर रहे हैं। सिविल लाइंस कोतवाली को नजुमपुर पनियाली निवासी पूरण सिंह ने तहरीर देकर बताया पुत्री अंशु (21) का विवाह 9 दिसंबर 2021 को टोडा कल्याणपुर निवासी राहुल के साथ किया था।
परिजनों ने अपनी हैसियत के मुताबिक दान दहेज दिया था। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग दहेज से खुश नहीं हुए। दहेज में तीन लाख रुपये की मांग लगातार की जा रही थी। आरोप है कि 25 मार्च को भी ससुरालियों ने अंशु के साथ मारपीट कर घर से निकाल दिया था।
30 मार्च को पंचायत में दोनों पक्षों के बीच वार्ता के बाद अंशु को ससुराल भेज दिया गया था। 10 अप्रैल को अंशु अपनी बड़ी बहन शालू के घर गांव गोदना पुरकाजी गई थी। जहां अंशु ने बताया था कि दहेज की खातिर जान से मारा जा सकता है।
परिजनों के अनुसार मंगलवार को शाम करीब छह बजे फोन से सूचना मिली कि अंशु को ससुराल पक्ष के लोगों ने मार दिया है। सूचना मिलने पर परिवार के लोग गांव पहुंचे थे। जहां अंशु का शव परिजनों ने घर में देखकर पुलिस को सूचना दी थी। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया। इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पति राहुल, ससुर अमरजीत, सास रेखा और देवर दीप सिंह के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
घर में सबसे छोटी थी अंशु
परिजनों के अनुसार अपने दो भाईयों और एक बहन में सबसे छोटी अंशु थी। चार माह पूर्व परिजनों ने बड़े लाड प्यार से अंशु का विवाह किया था। लेकिन उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह रिश्ता ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाएगा।
