तो जेल में रची गई कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की हत्या करने की साजिश…ऐसे खुला राज

तो जेल में रची गई कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की हत्या करने की साजिश…ऐसे खुला राज

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की हत्या करने की साजिश हल्द्वानी जेल में रची जा रही थी। जहां मुख्य आरोपी साजिशकर्ता हीरा सिंह बंद था। वहीं उसकी पहचान सतनाम सिंह से हुई। उसी ने जेल से बाहर अपने दो साथियों के बारे में हीरा सिंह को बताया। हीरा सिंह ने सतनाम सिंह के बताये दोनों व्यक्तियों संग मिलकर ताना-बाना बुना।

हीरा सिंह के कहने पर यूपी के शूटरों से घटना को अंजाम देने की साजिश तांत्रिक मो. अजीज उर्फ गुड्डू रच रहा था। विधायक प्रतिनिधि उमाशंकर दुबे की तहरीर के अनुसार सतनाम सिंह ने जेल में हीरा सिंह को बताया था कि उसका दोस्त मो. अजीज उर्फ गुड्डू निवासी किच्छा का बड़ा अपराधी है। उसके सम्बन्ध उत्तर प्रदेश के शूटरों के साथ हैं।

उमाशंकर दुबे के अनुसार कैबिनेट मंत्री सितारगंज आये तो क्षेत्र भ्रमण के दौरान कुछ स्थानों पर उसे देखा गया था। सतनाम सिंह ने पैरोल पर आने के बाद हीरा सिंह से सम्पर्क साधा। दुबे के अनुसार हीरा सिंह ने सतनाम सिंह व उसके दोस्त हरभजन सिंह, मो. अजीज उर्फ गुड्डू निवासी किच्छा से सम्पर्क साधकर षडयन्त्र को अन्तिम रूप देने की योजना बनाई।

 

उन्होंने आशंका जताई कि इनके साथ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। साजिश के पीछे कोई और तो नहीं!: साजिश में मुख्य आरोपी के पीछे कोई और तो नहीं है, इस पर भी जांच चल रही है। बताया जा रहा है कि किच्छा के एक तांत्रिक ने कुछ माह पहले मुख्य आरोपी से रकम ली थी। उसी ने मंत्री को वश में करने व वश में नहीं होने पर रास्ते से हटा देने की जिम्मेदारी ली थी। गुड्डू इसके लिए और रकम की डिमांड कर रहा था।

सितारगंज जेल में मिले थे मोबाइल फोन

सितारगंज सेंट्रल जेल में पिछले दिनों 100 के करीब मोबाइल बरामद हुए थे। यहां भी कैदी ने अधिवक्ता को फोन से धमकाया था। बताया जाता है कि जेल से कई कैदी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते रहे हैं।

वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली है बहुगुणा को

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा को वाई श्रेणी की सुविधा मिली है। उमाशंकर दुबे ने आशंका जताई है कि हीरा सिंह व उसके साथी कैबिनेट मंत्री की हत्या का षडयंत्र कर राज्य में भय व आंतक का माहौल पैदा कर रहे हैं।

दिनभर पूछताछ में जुटे रहे जिले भर के अफसर

कैबिनेट मंत्री की हत्या की साजिश की सूचना मिलते ही अफसरों के हाथ पांव फूल गए। शनिवार रात से ही पुलिस की कई टीमों ने सितारगंज, किच्छा व आसपास के क्षेत्रों में दबिश देकर चार मुख्य नामजद आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी। रविवार को एसपी मनोज कत्याल समेत जनपद के तमाम पुलिस अफसर सितारगंज में जांच पड़ताल में जुटे रहे। प्रशासन ने हाई प्रोफाइल मामला होने के कारण इसकी भनक तक नहीं लगने दी।

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