आपदा की आहट तो नहीं! बारिश के बाद खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा सहित कई नदियां, 50 से ज्यादा गांवाें में बाढ़ का अलर्ट

आपदा की आहट तो नहीं! बारिश के बाद खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा सहित कई नदियां, 50 से ज्यादा गांवाें में बाढ़ का अलर्ट

उत्तराखंड में पहाड़ों में दो दिनों से जारी बारिश की वजह से हरिद्वार में रविवार दोपहर बाद गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान तक पहुंच गया। जलस्तर बढ़ते ही जिला प्रशासन अलर्ट हो गया। हालांकि एक घंटे बाद गंगा का जलस्तर कुछ कम हुआ था। इस साल यह पहला मौका है, जब चेतावनी निशान तक गंगा का जलस्तर पहुंचा है।

गंगा का चेतावनी स्तर 293 और खतरा 294 मीटर माना जाता है। शनिवार तक गंगा 292.80 मीटर तक पहुंच गई थी। रात में 292.60 तक गंगा का जलस्तर चल रहा था। रविवार दोपहर एक बजे अचानक जलस्तर 293 मीटर पहुंच गया। अधिकारियों को जानकारी दी गई। गंगा का जल स्तर बढ़ता देख भीमगोड़ा बैराज के गेट खोल दिए गए थे।

इसके बाद तीन बजे तक गंगा का जलस्तर 292.45 मीटर पर पहुंच गया। जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। जल स्तर बढ़ने से कांगड़ी, गाजीवाला और श्यामपुर क्षेत्र में गंगा से सटे गांवों में दहशत का माहौल था। रात को गंगा के जल स्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने तटीय इलाकों समेत बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है।

इन गांवों में हुआ अलर्ट

मोहनावाला, बादशाहपुर, खानपुर, तुगलपुर, इदरीशपुर, माड़ाबेला, चंद्रपुरी, शेरपुर बेला, लालढांग, कांगड़ी, सजनपुर पीली, चांदपुर, बांण गंगा, शाहपुर, आलमपुरा, प्रह्लादपुर, मदारपुर, याहियापुर, दाबकी खेड़ा, नाईवाला, जोगावाला, अब्दीपुर सहित अन्य गांवों में बाढ़ का खतरे को देखते हुए अलर्ट किया गया।

पशुलोक बैराज से अधिक मात्रा में जल छोड़े जाने के कारण, भीमगोड़ा बैराज पर जल स्तर चेतावनी निशान पर पहुंच गया था। चेतावनी का निशान 293 मीटर है। इस वजह से भीमगोडा बैराज से भी जल की निकासी की गई है

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