यह पूछे जाने पर कि क्या मामलों में गिरावट के लिए कम कोविड परीक्षण को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है तो उन्होंने कहा कि परीक्षण के मामलों में हम केंद्र के दिशा-निर्देशों का पालन कर रहे हैं और दिल्ली में परीक्षण कम नहीं हुए हैं. गौरतलब है कि इस सप्ताह की शुरूआत में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने जारी एक सलाह में कहा था कि कोविड के पुष्ट मामलों के संपर्कों को परीक्षण की आवश्यकता नहीं है, बशर्ते कि उनमें कोई गंभीर मामला नहीं हो या ऐसे मरीजों को कोई अन्य बीमारी ना हो. दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि सामुदायिक स्तर पर लक्षणविहीन मामलों की जांच की भी आवश्यकता नहीं है