आपदा की आहट तो नहीं! केदारनाथ मंदिर के पास भरभराकर गिरा बर्फ का पहाड़

आपदा की आहट तो नहीं! केदारनाथ मंदिर के पास भरभराकर गिरा बर्फ का पहाड़

केदारनाथ में कोई आपदा की आहट तो नहीं ? केदारनाथ धाम में पिछले 10 दिनों में दो बार हिमस्खलन हुआ है। केदारनाथ धाम के पास चोराबारी ग्लेशियर पर आज शनिवार सुबह बर्फ के पहाड़ के भरभराकर गिरने से तीर्थ यात्रियों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल देखने को मिला। लेकिन, राहत की बात रही कि धाम और किसी भी तीर्थ यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है।

भूस्खलन के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। पुलिस-प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही तीर्थ यात्रियों को एहतियात बरतने की भी सलाह दी जा रही है। आपको बता दें कि वर्ष 2013 में केदार वैली में चोराबाड़ी झील के टूटने से मंदाकिनी नदी में बाढ़ आ गई थी। आपदा में हजारों श्रद्धालुओं की जान भी गई थी।

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि केदारनाथ धाम के पास हिमस्खलन हुआ है, लेकिन राहत की बात है कि किसी जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। बताया कि केदारनाथ धाम पूरी तरह से सुरक्षित है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनएस रजवार ने बताया कि शनिवार सुबह पांच बजे के करीब हिमस्खलन हुआ है, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर सामान्य है। यह मंदिर परिसर से 5 किलोमीटर दूर की घटना है।

मानसून की विदाई नहीं, पांच से बारिश होगी

उत्तराखंड से अभी मानसून की विदाई नहीं हुई है। पांच से नौ अक्टूबर तक बारिश का अनुमान मौसम विभाग ने जारी किया है। उसके बाद ही उत्तराखंड से मानसून विदा होगा। मौसम विज्ञान निदेशक डा. बिक्रम सिंह ने बताया कि राजस्थान, हरियाणा, पश्चिमी यूपी, दिल्ली के कुछ हिस्सों से मानसून विदा हुआ है।

उत्तराखंड में पांच अक्टूबर से बारिश का अनुमान है। बारिश हल्की से मध्यम हो सकती है। सभी जिलों को इसके लिए सूचना भेज दी गई है। कहा कि कई जगह उत्तराखंड से मानसून की विदाई की जानकारी दी गई, जो सही नहीं है। बारिश का एक दौर अभी और दिखाई दे रहा है, उसकी के बाद मानसून की विदाई मानी जाएगी।

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