उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर कांग्रेस ने प्रदेशभर में अग्निपथ भर्ती योजना के खिलाफ पद्रर्शन कर विरोध जताया। देहरादून, हल्द्वानी, काशीपुर, रुद्रपुर, हरिद्वार आदि शहरों में कांग्रेसियों ने सत्याग्रह कर सरकार के खिलाफ पद्रर्शन किया। कांग्रेसियों का कहना था कि सेना भर्ती के लिए तैयारी कर रहे बेरोजगार युवकों को योजना से बहुत नुकसान होगा। केंद्र सरकार से मांग की है कि अग्निपथ भर्ती योजना को तुरंत ही वापस लिया जाए।
अग्निपथ योजना के विरोध में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने समर्थकों के साथ तहसील प्रांगण में सत्याग्रह किया। उन्होंने इस कानून के विरोध में दो घंटे उपवास रखा। साथ ही उन्होंने इस योजना को युवाओं के भविष्य के साथ कुठाराघात बताया।
सोमवार को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य तय कार्यक्रम क अनुसार तहसील प्रांगण पहंुचे। जहां पहंुचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने अग्निपथ योजना के विरोध में अपना सत्याग्रह शुरू किया।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया और कहा कि कठिन परिश्रम करने के बाद युवा देश की सुरक्षा करने के लिए सेना में भर्ती होते हैं, लेकिन केंद्र सरकार युवाओं के परिश्रम पर पानी फेरने का काम कर रही है।
जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हाईकमान का निर्देश था कि प्रत्येक विधानसभा स्तर पर इस योजना के विरोध में शांतिपूर्वक अभियान चलायें जायें इसी को लेकर आज ये शांतिपूर्वक सत्याग्रह अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
वहीं उन्होंने हल्द्वानी आदि अन्य जगह पर युवाओं के साथ की गई बर्बरता की भी कड़े शब्दों में निंदा की। मौके पर डीके जोशी, आशु मेहरा, बबली जोशी, राजकुमार, उस्मान, राहुल वर्मा, बलवीर सिंह कालू, अंग्रेज सिंह, पूरन, श्रीनिवास गर्ग, सौरभ कुमार, आदित्य, आशु तिवारी, आशु भट्ट आदि अनेकों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सितारगंज में कांग्रेसियों का सत्याग्रह आंदोलन
सितारगंज। कांग्रेस नेता नवतेज पाल सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने रामलीला भवन में सत्याग्रह आंदोलन किया। उन्होंने सेना में संविदा की तरह अग्निवीर योजना का विरोध कर रहे थे। कहा कि सेना में पूर्व की तरह भर्ती होनी चाहिये। देश की रक्षा के साथ व और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने अग्निपथ योजना को रद्द करने की मांग की।
यहां सुरेंद्र सिंह, साहब सिंह, तेजिंदर सिंह माटा, प्रभजोत सिंह, रामजीत सिंह, वसी मियां, रामबहादुर यादव, रामनरेश, अख्त्यार पटौदी, मुकेश शर्मा, मनदीप सिंह, हरभजन सिंह, बीएन शुक्ला, दिनेश सिंह शामिल रहे।
